श्रीमद् भागवत गीता

आध्यात्मिक दर्शन

श्रीमद्भागवत गीता की रचना आज से लगभग 5000 वर्ष पूर्व हुई।श्रीमद्भागवत गीता वास्तव में महाभारत के एक महत्वपूर्ण एवं उपयोगी उप ग्रंथ के रूप में आज दुनिया के सामने है वास्तव में महाभारत को हम महा ग्रंथ(epic) कहते हैं ।जहां तक श्रीमद्भागवत गीता का सवाल है, तो यह अपने किस्म का अद्भुत ग्रंथ है, क्योंकि गीता में हमें सफल जीवन के महत्वपूर्ण निर्देश प्राप्त होते हैं।श्रीमद्भागवत गीता भगवान श्रीकृष्ण और अर्जुन के मध्य का संवाद है।कथानक महाभारत के युद्ध काल का है।महाभारत वास्तव में कौरव पाण्डव के बीच हुए युद्ध का प्रामाणिक ग्रंथ है।पश्चिम ने प्रारंभ में इसे लोककथा माना।पर कालांतर में विश्व स्थर पर वैज्ञानिकों ने महाभारत की ऐतिहासिक घटनाओं को वास्तविक व विश्वसनीय माना।श्रीमद्भागवत गीता पर हुए आधुनिकतम शोध भी उसकी प्रमाणिकता को स्वीकारते है।
श्रीमद्भागवत गीता वास्तव मे आज दुनिया भर के लिए शोध व बहुआयामी मार्गदर्शिका का चिर परिचित ग्रंथ है। नव्वे के दशक में सोवियत रशिया में गीता की प्रसिद्धि से वहाँ की सरकार चिंतित हो गयी और वहाँ उसे युद्ध उन्मुख करने वाला ग्रंथ मानते हुए प्रतिवन्धित कर दिया गया।फिर पूरी दुनिया मे वहस छिड़ गई कि आखिर क्या है,श्रीमद्भागवत गीता की विषय वस्तु।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *